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Saturday, 5 April 2014

साथी हाँथ बढ़ाना !

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साथी हाँथ बढ़ाना - ये एक सन्देश है ? या फिर सिर्फ एक गीत जो आज से कई दशक पहले लिखा गया था , कभी कभी सोंचता हूँ ये किस सोंच से लिखा गया होगा , क्योंकि आज हमारे युवा वर्ग को देख के ये बात कुछ जचती नहीं , क्योंकि आज के इस व्यस्त दौर में जहाँ हमारे युवा जन , राजनीति , फिल्मों , व खेलों में बढ़ चढ़ के भाग लेना चाहते है , वहाँ कि स्थति कुछ ठीक नहीं , क्योंकि हमें एक अच्छे सपोर्ट की ज़रुरत है , ठीक वहीँ हमसे पहले जो हमसे सीनियर है , वो ठीक हमें सपोर्ट देने के बजाए , हमारे मार्ग में अवरोध पैदा कर देते हैं , वो भी किस प्रकार का , कि क्या वह इस काम को कर पायेगा ? , क्वालिफिकेशन क्या है ? , क्या उम्र है ? , अभी बहुत छोटा है ? , इससे पहले कहीं काम-वाम किया है ?

इसमें सबसे बड़ा रिश्ता विश्वास का है , अगर हम अपने साथी पे विश्वास ही नहीं करेंगे , तो क्या वो आगे बढ़ पायेगा ? इन सब बातों से मेरा मतलब - कॉलेज रैगिंग व नौकरी के लिए इंटरव्यू से है ?
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प्रश्न - क्या कॉलेज रैगिंग से हमारे युवजन निपट सकते हैं , व इसका मानसिक प्रभाव क्या पड़ता है ?

उत्तर -  कॉलेज रैगिंग , ये बहुत समय से एक अमानुषता भरा रिवाज हमारे कॉलेजों में चला आ रहा है , इसको रोकने का प्रयास तब तक हि विफ़ल है , जब तक आप अपने साथी पे विश्वास नहीं करेंगे , इसमें सबसे बड़ी गल्ती है हमारी दोहरी सोंच है , मान लीजिये एक युवा नया-नया कॉलेज में प्रवेश करता है , उसकी चाहत यही होती है , की वो ऐसा कार्य करे जिससे उसके मित्र व गुरुजन उससे प्रसन्न हों , व कॉलेज में उसकी छवि प्रकाशमय हो , लेकिन कुछ असफल छात्र उसके मार्ग में अवरोध पैदा करते है , वो भी किस लिए  - क्या उन्हें जलन है ? , या फिर वो असफ़ल रहे ! ऐसा कुछ भी नहीं है ! क्योंकि उन्हें भी ठीक से सपोर्ट नहीं मिला , या फिर आप जैसा प्रकाशमय साथी उन्हें कहीं नहीं मिला ! इसमें सही से वार्तालाप करने की ज़रुरत है , न कि अपना वर्चस्व दिखाने की कि आप क्या हो या आपका किस्से रिलेशन है , इन सबसे बात का बतंगड़ ही बनेगा , क्योंकि वो भी तो युवा हैं , व इससे आपकी व उन छात्रों की मानसिक्ता व पढ़ाई पे भी प्रभाव पड़ेगा , बल्कि गहरा प्रभाव पड़ेगा !
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प्रश्न - नौकरी के लिए इंटरव्यू ! युवाजन कैसे निपटें ?

उत्तर - नौकरी के लिए इंटरव्यू देना वैसे कोई बड़ी बात नहीं , लेकिन देने जाते समय लगभग हर वर्ग के युवा कि यही सोच होती है कि , कहीं हमसे बढ़ कर कोई न आ जाए ? , कहीं कठिन प्रश्न पूँछ लिया तो ? , यार वो ज्यादा स्मार्ट है ? , लग रहा है जल्दी जवाब देना होगा , नहीं तो गए काम से ? , हाँ इतने में तो इतना बोझ लाद ही लिया , और वहाँ जाते जाते इतना नर्बस हो जाता है कि , सिर्फ बोझ ही बोझ लगता है ! और जब इंटरव्यू के अतिरिक्त प्रश्न उसके सामने बजने लगते है , जैसे कि - क्वालिफिकेशन क्या है ? , क्या उम्र है ? , अभी बहुत छोटा है ? , इससे पहले कहीं काम-वाम किया है ? तो इससे और भी नर्बस हो जाता है -
ज़रूरी क्या है ! नौकरी के लिए हो या फिर किसी भी प्रकार का इंटरव्यू , इंटरव्यू को सिर्फ इंटरव्यू ही माना जाए - मेरा मतलब इंटर + व्यू , अर्थात प्रवेश के लिए अवलोकन कराना , जिसको सिर्फ एक क्रिया ही समझी जाए तो बेहतर होगा , और भी जरूरी है खुद पे भी विशवास होना , क्योंकि अगर आपको विश्वास है , तो एक दिन आप कामयाब ज़रूर होंगे , अच्छे से बोल-चाल , व विश्वासपूर्ण जवाब , मेरा मतलब आपके सामने जो भी प्रश्न रक्खे जाए , उनका विश्वास के साथ साफ़-साफ़ जवाब , बाकी अगर आपने अच्छे से मेहनत की होगी तो आपको सफलता से कोई भी रोक नहीं पायेगा !
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इन दो प्रश्नों के आधार पर हमने ये दो वीडियो आज आपके सामने प्रस्तुत किये है - देखिएगा ज़रूर ---

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१ - साथी हाँथ बढ़ाना -


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२ - हम होंगे कामयाब -


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मित्रों व पाठकों आपकी मूल्यवान टिप्पणियों का सदः ही स्वागत है , टिप्पणी ज़रूर करें व ज़िन्दगी से सम्बंधित कोई भी प्रश्न आप बेझिझक पूंछे , व कोई सुझाव हो तो अवश्य दें , धन्यवाद !

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24 comments:

  1. मौज़ू सवाल उठाये हैं आपने बढ़िया पोस्ट सपोर्ट और स्पोर्ट्स में अंतर कर लें

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    1. सर धन्यवाद व सदः ही स्वागत है !

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  2. Replies
    1. सर धन्यवाद व सद: ही स्वागत हैं !

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  3. बहुत बढ़िया। पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ। अच्छा लगा।

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    1. मिथिलेश सर बहुत धन्यवाद जो आप हमारे ब्लॉग पर आये व सदस्य बने , सदः ही स्वागत है !

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  4. बहुत सुंदर पोस्ट !

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    1. रामकृष्ण सर धन्यवाद व स्वागत है !

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  5. युवाओं के लिए ये सवाल उपयोगी हैं. रैगिंग से बचने के लिये युवाओं का स्वयं जागरूक होना आवश्यक है...

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    1. श्याम सर बहुत धन्यवाद जो आपका आगमन हुआ व स्वागत है !

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  6. सार्थक सवाल उठाये हैं आपने ... युवा वर्ग को जागरूक होना होगा ... सामने आना होगा ...

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    1. दिगंबर भाई धन्यवाद व स्वागत है !

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  7. bahut achhi tarah vishleshn ke sath sundar aalekh

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    1. आ. उपासना जी धन्यवाद व सदः स्वागत है !

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  8. आपका ब्लॉग ब्लॉग कलश पर भी सम्मिलित किया जा रहा है

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    1. सर , बहुत धन्यवाद व स्वागत हैं !

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  9. वाह
    अभिव्यक्ति बेजोड़

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    1. आ. धन्यवाद व स्वागत है |

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (08-04-2014) को "सबसे है ज्‍यादा मोहब्‍बत" (चर्चा मंच-1576) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    श्रीराम नवमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आ. आपको भी श्रीराम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ व धन्यवाद |
      || जय श्री हरिः ||

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  11. आवश्यक प्रश्न और सार्थक उत्तर..!!!

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    1. प्रियंका जी धन्यवाद जो आपका आगमन हुआ व स्वागत है !

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  12. सार्थक सवाल उठाये हैं आपने

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    1. संजय भाई धन्यवाद व स्वागत है !

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